मंदसौर। गरोठ थाना क्षेत्र के ग्राम चांदबर्डा में हुए सनसनीखेज दोहरे अंधे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले की जांच के दौरान एक आरोपी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने और उसके सुसाइड नोट में हत्या व लूट का उल्लेख मिलने के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश ने खड़ावदा के समीप एक बुजुर्ग दंपती की हत्या और लूट करने का उल्लेख करते हुए सुसाइड नोट लिखा था और इसके बाद मनासा स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और अन्य आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस जांच में सामने आया कि संतोषबाई उर्फ संता के कान्हा उर्फ करण से प्रेम संबंध थे। दोनों ने करण के दोस्तों पवन और राजेश के साथ मिलकर पैसों के लिए लूट की योजना बनाई थी। संतोषबाई ने आरोपियों को जानकारी दी थी कि ग्राम चांदबर्डा में देवीलाल और उनकी पत्नी भुलीबाई खेत पर बनी झोपड़ी में अकेले रहते हैं तथा भुलीबाई पैरों में चांदी के भारी आमले पहनती हैं।
इसी योजना के तहत 24-25 अगस्त की रात आरोपियों ने झोपड़ी में सो रहे बुजुर्ग दंपती पर भारी पत्थरों से हमला कर दिया। देवीलाल की मौके पर मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भुलीबाई ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। आरोपी उनके पैरों में पहने करीब 50 हजार रुपये कीमत के चांदी के आमले लूटकर फरार हो गए।
पुलिस ने मामले में कान्हा उर्फ करण, पवन और संतोषबाई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए जेवरात, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इस तरह आत्महत्या और सुसाइड नोट से शुरू हुई जांच की कड़ियां जुड़ते-जुड़ते पुलिस प्रेम संबंध और लूट की साजिश तक पहुंच गई और सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया।