कुकड़ेश्वर। गैस एजेंसी में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रलोभन देकर लाखों रुपये लेने और बाद में न तो हिस्सेदारी देने तथा न ही रकम वापस करने के मामले में कुकड़ेश्वर पुलिस ने थांदला निवासी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 11 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नीमच से एक लिखित शिकायत जांच के लिए थाना कुकड़ेश्वर प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच के दौरान आवेदिका पिंकी पति कन्हैयालाल पुरोहित, उम्र 33 वर्ष, निवासी ब्राह्मण मोहल्ला कुकड़ेश्वर तथा साक्षी कन्हैयालाल पिता चांदमल पुरोहित के कथन लिए गए।
आवेदिका ने पुलिस को बताया कि वह गैस वितरण का कार्य करती हैं तथा उनकी फर्म पुरोहित एचपी गैस वितरण एवं महादेव गैस एजेंसी के नाम से संचालित है। शिकायत के अनुसार, थांदला जिला झाबुआ निवासी सुजीत पिता ललित कुमार भाभर द्वारा ग्राम थांदला में संचालित ओउम ऐंजल भारत गैस डीलर में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने तथा मिलकर गैस वितरण का व्यवसाय करने का प्रस्ताव दिया गया था।
आवेदिका के अनुसार, सुजीत ने व्यवसाय के लिए पूंजी के रूप में राशि मांगी और व्यापार में होने वाले मुनाफे में हिस्सा देने तथा कुछ समय बाद भागीदारी लेख निष्पादित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों के माध्यम से राशि सुजीत के खाते में ट्रांसफर की गई।
शिकायत आवेदन में कुल ₹52,28,700 ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख है, जबकि पुलिस जांच के दौरान लिए गए कथनों में आवेदिका द्वारा कुल ₹55 लाख ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, रकम प्राप्त करने के संबंध में ओउम ऐंजल गैस एजेंसी, थांदला के लेटरहेड पर सील एवं हस्ताक्षरयुक्त अनुबंध भी दिया गया था और दो माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज तैयार करने का आश्वासन दिया गया था।
आवेदिका का आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी उसे गैस एजेंसी में कोई हिस्सेदारी नहीं दी गई। बार-बार रकम वापस मांगने के बावजूद आरोपी द्वारा कथित रूप से टालमटोल की जाती रही। साथ ही न तो भागीदारी लेख निष्पादित किया गया और न ही व्यापार से संबंधित कोई हिसाब-किताब या मुनाफे की राशि दी गई।
पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाए जाने पर सुजीत पिता ललित कुमार भाभर, निवासी थांदला, जिला झाबुआ के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
पुलिस द्वारा मामले में बैंक लेनदेन, कथित अनुबंध सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई विवेचना के आधार पर की जाएगी।